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खुद ही कश्ती खुद पतवार
खुद की कश्ती खुद ही पतवार नही रहो किशमत के भरोसे मेरे यार। खुद पर भरोसा रख, कर हो जाओ पार खुद पर भरोसा ही सफलता का सार । साहस कर बढ़ चलो ,छोड़ो नैया बीच मझधार जबतक किनारे ना लगे नैया , कोशिश करते रहो लगातार। जीवन के हर वार के लिए रहो तैयार जीवन एक कठिन चूनोती है ,तू कर इसे स्वीकार। हौसला बुलंद रख,कर इसका संघार मन में विश्वास हो तो करलेगा बाधाओं को पार। मार्ग में सोले बीछे या हो कांटे की भरमार चाहे जीना हो दूश्वार। दर्दे से तू ना घबरा दर्द को बना तू हथियार। खुद में विश्वास जगा , मुश्किलों से हो पाएगा तू पार आज नहीं तो कल होगा तेरा सपना सकार बस इस आस को टूटने नहीं देना मेरे यार। ------------------By-SR srmahato.blogspot.com------------------------------
आगे कैसे बढ़ पाओगे?
परिस्थिति विकराल हो मार्ग में पहाड़ हो सिंह की दहाड़ हो नाही कोई आशा हो प्रेरणादायक भयभित ना होना मार्ग देखकर मार्ग देखकर ही डर जाओगे फिर आगे कैसे बढ़ पाओगे? मन मे है विश्वास जगाना बाधाओं से है ही पार निकलना माझी को संज्ञान में रखना माझी ऐसे ही डर जाते माउंटेन मैंन नही कहलाते। जस्बात को अपना काबू में रखना मार्ग से है तुमको ना घबराना मार्ग से ही घबरा जाओगे फिर आगे कैसे बढ़ पाओगे। ❤️ सीताराम माहतो✍️

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